17/05/2019

IPC Section 376: आईपीसी धारा 376 के बारे में संपूर्ण जानकारी हिंदी में

आईपीसी सेक्शन 376 महिलाओं के साथ शारीरिक दुष्कर्म के अपराधियों के लिए बनाया गया है. यह उन सभी अपराधों पर लागू होता है जिसमें महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किए गए हो. इस कानून का इस्तेमाल महिला को न्याय दिलाने के लिए किया जाता है इसकी जानकारी हर किसी को होनी चाहिए. एक अपराधी को भी ताकि वह ऐसा अपराध करने की चेष्टा ना करें.

तो चलिए लेते हैं धारा 376 के बारे में कुछ महत्वपूर्ण ज्ञान.

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आईपीसी की धारा 376 के बारे में मुख्य

इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध स्थापित करता है उसके खिलाफ धारा 376 के तहत मुकदमा चलाया जाता है और इस कानून के तहत आरोपी को स्वयं को निर्दोष साबित करना होता है महिला को अपना आरोप सही सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती. आरोपी को अपना बचाव करना पड़ता है वरना महिला के द्वारा लगाया गया आरोप सही मान लिया जाता है और इस धारा के तहत सजा दे दी जाती है.

अपराध की श्रेणी

इस धारा के तहत सभी प्रकार के जबरन शारीरिक संबंध अपराध की श्रेणी में आते हैं, किसी सरकारी दफ्तर के मुख्य के द्वारा किया गया हो अपने जूनियर महिला कर्मचारी पर.

किसी विश्वसनीय व्यक्ति रिश्तेदार अथवा टीचर के द्वारा किया गया हो.

सभी स्थिति में महिला के साथ बनाया जबरन शारीरिक संबंध किस अपराध की श्रेणी में आता है.

दंड का प्रावधान

इसके तहत कम से कम 7 से 10 साल कारावास की सजा का प्रावधान है और साथ ही अर्थदंड भी लगाया जा सकता है. यदि पीड़िता ने आत्महत्या कर लिया या अन्य वजह से उसकी मृत्यु हो गई है तो सजा कठोर कारावास हेतु 20 वर्ष या आजीवन की जा सकती है.

धारा 370घ  के तहत यह परिभाषित है सामूहिक बलात्कार की दशा में भी इसी धारा पर मुकदमा चलाया जाएगा और इसमें अपराधी साबित होने पर दोषियों को कम से कम 20 वर्ष की सजा आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है.