01/01/2019

सुन्नी मुसलमानों का मजहबी स्थल, यहां करते हैं अल्लाह के गुप्तांग की इबादत

What is inside Macca Madina:- सऊदी अरब में स्थित इस्लाम का सबसे बड़ा मजहबी स्थल मक्का. यही पर है वह काबा जहां पर हर  सुन्नी मुसलमान अपनी जिंदगी में एक बार जरूर जाना चाहता है. आखिर क्यों? आज इस बात पर आप स्वयं विचार कीजिएगा.
What is inside Macca Madina

एक मिथक के अनुसार माना जाता है कि काबा का निर्माण इब्राहिम ने अपने पुत्र के इस्माइल के साथ मिलकर  किया था, अल्लाह को भूख लगी थी और अल्लाह को खुश करने के लिए जब अब्राहिम अपने पुत्र इस्माइल की बलि देने जा रहा था. अल्लाह ने उसे रोका और खुश होकर उसे अपना पैगंबर बना लिया और अपने लिए एक घर बनाने की मांग की.

वहीं दूसरी तरफ सुन्नी मुसलमानों की तरफ से दावा किया जाता है कि मक्का को इस्लाम मजहब को बनाने वाले मोहम्मद ने बनाया था, यह बात भी काफी विवादित है. क्योंकि दूसरी तरफ सिया मुस्लिमों का मानना है के वहां पहले से ही मानव धर्म की धार्मिक स्थल मौजूद थे जिन्हें नष्ट करके मस्जिदों में बदला गया था. खैर यह बात तो चर्चा करने वाली है. परंतु यहां हम आपको मक्का में क्या है इसकी जानकारी देने वाले हैं.

शुरुआत में मक्का का स्वरूप

काफी समय पहले जब मक्का में अधिक विकास कार्य नहीं हुआ था उस वक्त वहां पर एक बड़े पत्थर का घेरा था.
Reality of mocca

जिसके बीच में एक बड़ी सी पत्थर की शिला रखी हुई दिखाई देती थी, देखने में उसका स्वरूप महाकाल SHIVAY के पाषाण अर्थात पत्थर के प्रतीक SHIVLING जैसा मालूम होता है.

Reality of mocca

कुछ समय बाद जब निर्माण कार्य ठीक से किए गए तब के आसपास काबा का निर्माण कर दिया गया.

मक्का के अंदर

Woment pussy worship in macca
मक्का के अंदर एक स्त्री की यो*नि रूप का पत्थर भी है जो चमकीला और काला दिखाई देता है. इस पत्थर को सुन्नी मुस्लिम चूमते हैं और मनचाही मन्नत मांगते हैं.

सुन्नी मुस्लिमों का मानना है यह मोहम्मद के बेटे की बेगम फातिमा की यो*नि है जिससे अल्लाह के पैगंबर मोहम्मद प्यार कर बैठे थे.

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इसलिए सभी सुन्नी मुसलमान भी उस यो*नि को चूम कर मोहब्बत जाहिर करते हैं और ऐसा विश्वास करते हैं कि अल्लाह खुश होकर उनकी मन्नत पूरी करेगा. वहीं दूसरी तरफ सिया मुसलमान इन पर विश्वास नहीं करते और इसको मूर्खता तथा पाखंड मानते हैं. धीरे-धीरे सुन्नी मुसलमान भी इस शब्द से दूर हटने लगे हैं और उस पत्थर को चूमने की नई कहानियां बता कर अलग वजह बताने लगे हैं.

जबकि ऐतिहासिक तथ्यों से पता चलता है कि वहां पर अल्लाह नाम की एक इस्लामिक God की मूर्ति की इबादत की जाती थी लेकिन मूर्ति विरोधियों ने अल्लाह की मूर्ति को नष्ट कर दिया उस विशालकाय मूर्ति का कमर के नीचे का हिस्सा साबुत बच गया. उस हिस्से को काबा में स्थापित कर दिया गया मुस्लिम उसे चाट कर इबादत करते हैं.

कई बार तो मौलानाओं के द्वारा इसे इस्लामी जन्नत में मिलने वाली 72 कुंवारी लड़कियों यानी 72 हूरों की मिथक कहानी से जोड़कर भी बताया जाता है.

धर्म की अपनी अलग सुंदरता होती है, उसी प्रकार इस्लाम मजहब में भी अलग मान्यता है और अलग सुंदरता है.