29/04/2019

रंगीले प्रोफेट - क्या मुहम्मद एक पोर्नस्टार थे?

Prophet Muhammad aur Deen e islam

इस्लाम में लोगो को रिझाने के लिए बड़ी ही मजाकिया बात कह दी जाती है की कुरान आसमानी किताब है। लेकिन सच्चाई क्या है ये बात बोलने वाले भी जानते है और आज आप भी जान लीजिये। इस्लाम के पैगम्बर प्यारे मुहम्मद और उनके दीन इस्लाम की प्यारी शिक्षा के बारे में हर मुस्लिम को जानकारी है लेकिन सामाजिक क्षेत्र में इन बातों का जिक्र करने से इसलिए भी शर्माता है क्यूंकि उसे अपनी नाक कटती हुयी महसूस होती है.

जब कुरान की जाँच की गयी तो महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई इनसे साफ हो गया की मौलानावो और इस्लामिक प्रचारको द्वारा लोगो को इस्लाम  की तरफ लुभाने के लिए जो कहा जाता है वो असल में झूठ है जबकि कुरान की असली बातों का धर्म में कोई लेना देना नहीं क्यूंकि ये तो बहुत ही कामुक और सम्भोग सुख पर आधारित हैं.

क्या मुहम्मद एक pornstar थे?

वर्षो से मुहम्मद के नाम पर इस्लाम को एक धर्म के रूप में प्रचारित करने वालों ने तो जंजाल बनाया है उसे इतनी आसानी से कटा नहीं जा सकता इसलिए शायद यहाँ से सत्य को साफ़ तौर से जाने के बाद भी काफी मुस्लिम आंखे बंद करके मुहम्मद को महान मानते रहे मगर यहाँ हमने उसी कुरान और हदीसों की उन आयतों को आपके सामने रखा है जिनका मतलब हर व्यक्ति सही से समझ सकता है और खुद फैसला कर सकता है की मुहम्मद क्या थे?
कुरान और हादसों में ही मिले साक्ष्यों के अनुसार, हाँ पैगम्बर हजरत मुहम्मद एक pornstar थे वो पुरुष वैश्या की तौर पर काम करते थे जिनके पास काम वासना की भूखी औरतें आया करती थी. मुहम्मद खुद भी वासना लिप्त दस्यु से, इन्होने अपने आस पास अनेको वैश्याओं को रखा हुआ था.

नोट : यदि कोई मुस्लिम इन साक्ष्यों को मानने से इंकार करता है या इन्हें झूठा कहता है तो उसके अनुसार उसकी कुरान और हदीसें झूठी साबित हो जाएँगी, क्यूंकि ये कुरान और हदीसों से ली गयी है.

बाकी आप स्वयं इन्हें पढ़िए और अपना ज्ञान बढाईये. आईये देखते है हदीसों को -

1- मुहम्मद की असीमित काम पिपासा

बुखारी -जिल्द 1 किताब 5 हदीस 268- 
“आयशा ने कहा की ,अल्लाह ने रसूल को 30 आदमियों के बराबर सम्भोग शक्ति प्रदान की थी ।रसूल सम्भोग करने से कभी नहीं थकते थे और हमेशा सम्भोग के लिए तय्यार रहते थे।
बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 6- 
“आयशा ने कहा कि रसूल एक ही रात में अपनी सभी औरतों के साथ बारी बारी से सम्भोग करते थे ,और जब रसूल किसी एक औरत के साथ सम्भोग करते थे तो ,दूसरी औरतें देखती रहती थीं।
बुखारी -जिल्द 1 किताब 5 हदीस 270- 
“आयशा ने कहा कि रसूल पाहिले अपनी सारी औरतों को एक जगह बुला लेते थे ,फिर एक एक करके सबके सामने सम्भोग करते थे ”
बुखारी -जिल्द 4 किताब 52 हदीस 74- 
“आयशा ने कहा कि रसूल को अल्लाह ने इतनी शक्ति दी थी कि ,जिस से ऐसा लगता था कि यदि उनको मौक़ा मिल जाता तो वह एक साथ सौ औरतों के साथ सम्भोग कर लेते।

2 -जिब्राईल (फ़रिश्ता )सम्भोग देखता था

बुखारी -जिल्द 5 किताब 57 हदीस 112- 
“अबू सलमान ने कहा कि आयशा उससे बताती है कि ,एक बार मैं रसूल के साथ सम्भोग में लिप्त थी, तभी रसूल ने कहा कि “आयशा उधर देखो, जिब्राईल हमारे सम्भोग को देख रहा है ,और और तुम्हें सलाम कर रहा है, तुम उसके सलाम का जवाब दो “मैंने सम्भोग करवाते हुए उस तरफ सलाम बोल दिया। 

मुझे(आयशा) वहां कोई नहीं दिखा। रसूल ने कहा कि जिब्राईल हमारे सम्भोग की तारीफ़ कर रहा है। लेकिन तुम एक इंसान हो इस लिए फ़रिश्ता तुम्हें नहीं दिख रहा है। लेकिन वह हमें देख रहा है.

3 - मुहम्मद के ख़ास मोमीन  

सहीह मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3450- 
“अनस ने कहा कि एकबार जब रसूल दिन को ही अपनी औरतों केसाथ सम्भोग कर रहे थे, तो हम लोग बाहरही बैठे थे। रसूल सम्भोग करते हुए अपनी औरतों से जो बातें कर रहे थे, हम साफ सुन रहे थे।
बुखारी -जिल्द 9 किताब 83 हदीस 38- 
“अनस बिन मालिक ने कहा कि, रसूल जिस समय दिन को भी अपनी औरतों के साथ सामूहिक संभोग करते थे, तो हम में से कोई एक व्यक्ति दरवाजे के छेद से चुपचाप सब हाल देखता रहता था।
सही मुस्लिम -किताब 25 हदीस 5369- 
“अनस ने कहा कि लोग रसूल के सम्भोग को चुपचाप देखते थे और आनंद लेते थे।
बुखारी -जिल्द 9 किताब 83 हदीस 38- 
“सहल बिन साद ने कहा कि ,जब रसूल अपनी औरतों, या दसियों के साथ सामूहिक सम्भोग करते थे, तो एक आदमी छुप कर देखता रहता था। और सारी बातें सबको बता देता था”

5 -सम्भोग से मिलती थी कुरआन की आयतों की प्रेरणा

तबरी इब्ने इशाक -जिल्द 17 हदीस 7- 
“आयशा ने कहा कि ,रसूल पर कुरआन की आयतें उसी समय नाजिल होती थीं ,जब वह मेरे साथ एक ही कम्बल में घुसकर सम्भोग करते थे।”
बुखारी -जिल्द 5 किताब 57 हदीस 119 - 
“आयशा ने कहा कि रसूल कहते थे कि कुरआन की आयतें उसी समय नाजिल होती हैं जब मैं तुम्हारे साथ एक ही बिस्तर में सम्भोग करता हूँ, यदि मैं किसी दूसरी औरते साथ सोता हूँ तो कुरान की आयतें नहीं उतरती हैं।

6 -मुहम्मद + बाजारू औरतें (कॉल गर्ल )

मुहम्मद की कुरान और हदीसो के अनुसार उस समय में मुहम्मद एक जाने माने से*क्स वर्कर थे. उनके पास उसी स्वभाव की औरते दूर दूर से सम्भोग करने आया करती थी और महान अल्लाह की नेमत से वो उन्हें भी खुश कर दिया करते थे .

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 24- 
“अनस बिन मालिक ने कहा की अकसर मदीना की बाजारू औरतें रसूल के पास आती थीं और अल्लाह की राह में अपने जिस्म को रसूल हजरत मुहम्मद को सौंप देती थी रसूल उनकी इच्छा पुरी कर देते थे।
“सूरा अहजाब 33 51-
“एक बार खौला बिन्त हकीम नाम की एक औरत रसूल के पास आयी और बोली कि मैं अपने आपको आपके हवाले करती हूँ, आप जो चाहें मेरे साथ कर सकते हैं।
रसूल ने उसी वक्त उस औरत खौला को अन्दर बुलाया और उसके साथ सम्भोग किया ।उसी समय कुरआन की यह आयत नाजिल हुई-

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 48- 
“यदि तुमने किसी को अन्दर बुला लिया तो ,इसमे कोई गुनाह नहीं है ।तुम जिस को चाहो बुला सकते हो".

रसूल जिस समय खौला के साथ सम्भोग कर रहे थे यह आयत कही थी। एसा लगता है मुहम्मद अपने कामो को सही साबित करने के लिए अल्लाह के नाम आयात बनाया करते थे. अल्लाह नाम का इस्तेमाल बिलकुल आज के ज़माने की फेक फेसबुक आईडी की तरह करते थे. जो बात खुद सही नही कर पाते थे अल्लाह के नाम पर थोप देते थे. जबकि अल्लाह किसी भी इश्वर का नाम ही नही है. 

हदीसो को पढ़कर आप खुद ही तये कर लीजिये की मुहम्मद साहब कोई धार्मिक पुरुष थे या फिर काम वासना में फसे व्यभिचारी थे.
- Arya Ach Ankur

इस्लाम की इन हदीसो से पता चलता है कि मोहम्मद किसी भी प्रकार से कोई नया धर्म बनाने की नीति पर नहीं चल रहे थे. हर बात अपने लोगों को बताते थे. वह जो भी अच्छे बुरे काम करते थे एक नयी आयत बता कर लोगों से बोल देते थे. उन्हें कतई फर्क नहीं पड़ता था कि लोग उनके विषय में क्या सोचेंगे.

बेचारे अपने ज़माने के बेस्ट पोर्न स्टार हजरत मुहम्मद को जरा भी अंदाज़ा नहीं होगा की कुछ लालची लोग उनकी इन बातों से एक नया तंत्र खड़ा कर देंगे और मोहम्मद का नाम इस्तेमाल करके धन एकत्रित करने में लग गए.

2 Comment

Naziya Bano June 18, 2019

अरे ये मुहम्मद बड़ा नीच और हत्यारा आदमी था.
इसने हर शर्मनाक काम को किया है और फिर अल्लाह की मर्जी बता कर अपने बुरे काम को भी सही कहा है.
मुझे लगता है जिस ये खुद को जिस अल्लाह का संदेशवाहक बताता था वो अल्लाह कोई ईश्वरीय नहीं बल्कि एक शैतानी बुरी पॉवर होगी.
क्यूंकि ईश्वर इतने निर्दयी काम करने के निर्देश नहीं देता...
अल्लाह के नाम पर इसने न जाने कितनी औरतो के पतियों को दौलत छीनने के लिए मारा फिर उन औरतों को मौत का डर दिखा कर खुद से सम्भोग करने को मजबूर किया.

बलात्कारी मुहम्मद

बहुत ही शर्मनाक बात है यार..
तभी कहूँ म्यांमार के पुरे बुद्ध कुरान और कुरान को मानने वाले मुस्लिम्स के खिलाफ क्यूँ हैं
भारत के पढे लिखे हिन्दू भी कुरान के खिलाफ क्यूँ हैं
आज सब पता चल गया.
मेरी आंखे खोल दी आपने .... आज से मेरा जो मुस्लिम पडोसी या दोस्त कुरान को वैल्यू देगा ... उससे मेरा मतलब ख़त्म.

यार मुझे तो लगता है ये मजहब का मतलब धर्म नहीं हो सकता
मजहब का मतलब कोई नीच और घिनौनी रीती से होगा.

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