19/06/2019

क्या इसराइल का यहूदी समुदाय यादवों के पुत्र अथवा वंशज हैं?

भारत का इसराइल से वाणिज्य और सामरिक संबंध ही नहीं बल्कि रक्त संबंध भी हैं। यहूदी धर्म और सनातन धर्म के यादव वंश के इतिहासिक सबूतों का कहना है कि महाभारत के युद्ध के बाद करीब बीस जन समूह भारत छोड़ कर अन्य भाग में बस गए थी।

युद्ध में इस्तेमाल हुए घातक परमाणु शास्त्रों के परमाणू विकिरण और अराजकता के कारण उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश) में आवास करना कठिन हो गया था।

इन बीस जनजातियों में से कुछ 8 जनजातियां उत्तर दिशा की ऒर चली गयी जहां प्राकृतिक विपदा के कारण वे मारी गयी। शेष 12 में से कुछ परिवार वर्तमान में इराक, सीरिया, फिलिस्तीन, मिस्र ग्रीस और रूस के नाम से जाने जाने वाले क्षेत्रों में बस गये।

यह महा पलायन आज से करीब 5,745 साल पहले हुआ था। उस वक्त ईसाई और इस्लाम मजहब का नामों निशान भी नहीं था. यहूदियों का फसह वर्ष का जश्न उनके भारत छॊड़ेने के समय का आंकड़ा बताता है।

राजा सोलोमन (Solomon) के नेतृत्व में यह महा पलायन हुआ था। Solomon का संस्कृत अर्थ शालमानव, ‘यानी, एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाला एक लंबा, भारी और आकर्षक व्यक्ति होता है।

अक्सर यहूदियों के इतिहास में सुनहरे बछड़े की छवि के बारे में कहा जाता है, वह बछड़ा श्री कृष्ण का था। बांसूरी बजाते वक्त वे जिस बछेड़े के ऊपर झुके रहते थे उसी बछड़े का वर्णन यहूदियों के इतिहास में भी हुबहू दिया है।

यहूदियों का सितारा

यहूदियों का सितारा

तथाकथित यहूदी धर्म का चिन्ह एक सितारा जो यहूदियों का प्रतीक है, एक तांत्रिक, वैदिक प्रतीक है। इस प्रतीक को हर हिंदू के घर के आंगन में बनी रंगॊली में देखा जा सकता है.

यहूदियों का सितारा रंगोली

यहूदी बोली के शब्द "डेविड" यानि देवी माँ द्वारा दिया गया है। जिसे आप, हम और यहूदी लोग भी सितारे के रूप में पूजा करते हैं।

वंश से सम्बन्ध

यहूदियों का नोहा ( Noah) ही 'मनु' है। चूँकि यादव मनु के वंशज हैं। चलिए एक द्रष्टि में यादवो के वंश को समझते हैं.
Noah (मनु) >Jyapeti (Japhet अथवा ऋषि ययाति) > यदु > यादव > जेव्स/यहूदी
 यहूदी समुदाय यादवों के पुत्र अथवा वंशज हैं

मनु के वंशज ऋषि ययाति थे और ऋषि ययाति के वंशज यदु थे जिनके नाम पर यदुवंश नाम पड़ा जब यदु वंश में एक देवता यानि श्री कृष्ण अवतरित हुए तब वे -
यदु+देव = यदुदेव अर्थात यादव बने.
इन्ही यादवो में से जो जन समूह उत्तर भारत से बाहर चले गए थे उन्होंने वहाँ अपना साम्राज्य स्थापित किया और आज वे जेव्स और यहूदी के नाम से जाने जाते हैं. अर्थात यादवो से यहूदियों का जन्म हुआ.

बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से यदु/यादवों का प्रजनन कार्य होता था। वे अपने आनुवंशिक संबंधों को कुछ इस तरह से नज़दीक रखते थे कि उन्हें एक अजेय पुत्र मिल सके।

आज सभी यहूदी यादव जाती के नही

एक बात ध्यान देने वाली हैं की आज के समय सभी यहूदी भी यादव वंश के नहीं हैं. क्यूंकि तमाम अन्य धर्मो के लोग भी परिवर्तित होकर यहूदी बन गए है.

इसका सीधा सा अर्थ है यादव मनुष्यों से ही यहूदियों का जन्म हुआ. लेकिन अन्य जातियां भी यहूदी बनी इसलिए सभी यहूदी अब यादव जाती के ही नहीं हैं.

यहूदी धर्म की शुरुवात यादव समूहों ने ही की मगर उससे भी अधिक यादव भारत में और अन्य देशो में हैं जिनका धर्म सनातन धर्म ही है.

यहूदियों से इसाईयत का जन्म

यहूदी पहले धर्म नहीं कहा जाता था क्यूंकि उनका धर्म सनातन ही था बस रहने का स्थान और जगह बदली थी. जब जनसँख्या बड़ी तो अन्धविश्वासो और राज करने की इच्छा रखने वालों का ताँता लग गया.

इसके फलस्वरूप एक नए समुदाय इसाईयत का जन्म हुआ ये लोग सभी काम यहूदियों के विरोध में करते थे. इसलिए इन्हें बाहर कर दिया गया.

इसकी शुरुवात जीसस नाम के एक व्यक्ति ने की जीसस के पिता ने जीसस की माँ को गर्भवती करके छोड़ दिया था .जीसस अस्पताल और शिक्षण में विश्वास नहीं करता था वो कहता था मैं ही इश्वर का पुत्र हूँ. तुम्हे एसे ही चंगा कर दूंगा मेरी शरण में आओ. हालाँकि आज लगभग सारे ईसाई ही जीसस की इन बातो को नहीं मानते इसीलिए अस्पताल और स्कूल बना रहे हैं.

यहूदियों से इस्लाम का जन्म

इसाईयत के जन्म के कुछ वर्षो लगभग 1400 साल पहले इस्लाम बना. जिस तरह ईसाई लोग यहूदियों का विरोध करते थे. इस्लाम के लोग ईसाई और यहूदी लोगो के विरोधी हो गए. इसकी शुरुवात रेगिस्तान में लम्बी यात्रा पर निकले लोगो के ऊंट और बकरियों को लुटने वाले एक लुटेरे ने की थी.

इन सारी बातों से एक बात का हमें पता चलता है कि इसराइल से हमारा संबध बहुत गहरा और सदियों पुराना है। आने वाले दिनों में इस दिशा में होने वाले अनुसंधान इस विषय पर अधिक प्रकाश डाल सकते हैं।

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