15/06/2019

धर्म कर्म में नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियाँ, वरना होता है धन संपत्ति का नुकसान

जाने अनजाने में हम कई बार कुछ एसे काम कर बैठते हैं जिनसे काफी बड़ा नुकसान होता है. यदि आप भारतीय है और आपका धर्म हिन्दू, जैन या बुद्ध है तो ये लेख आपको ध्यान से पढना चाहिए.

धर्म कर्म में नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियाँ

आपको यहाँ पर 5 एसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके करने से आपके भगवान की कृपा पाने से वंचित हो सकते हैं. धन संपत्ति जायदाद का नुकसान भी होता है तथा धर्म कर्म पूजा पाठ का कोई फल भी नहीं मिलता है.

5. कभी भी मजार का स्पर्श न करें

मजार और कब्रें हिन्दू और बुद्ध धर्म का हिस्सा नहीं है मजारों ने मरे हुए शरीर को दफन किया गया होता है जबकि हिन्दू और बुद्ध धर्म में मरे हुए शरीर रखना पाप माना जाता है उसकी पूजा नहीं की जा सकती.

मजार पर माथा टेकने वालो का धर्म नष्ट हो जाता है उस पर फूल, पत्ती और चादर चढ़ाना बेकार है. खासकर मजारें मुस्लिम की होती हैं इसलिए हिन्दू और बुद्ध लोगो को वहा उनके आगे झुकने या पूजन करने नहीं जाना चाहिए. इससे आपके कुल देवता रुष्ट होते हैं.

4. शिव मंदिर में कभी दुग्ध न फैलाएं

शिव जी पर दूध चढाने से वो खुश हो जाते हैं ये सही बात हैं मगर आज के समय तरीका थोड़ा गलत हो गया है. शिव जी की मूर्ति पर केवल अभिषेक के थोड़ा दूध डालें, यदि वहा कोई घड़ा लगा हो तो उसमे डालें. बाकी बचे हुए दूध को प्रसाद के रूप में अपने घर के सदस्यों को पिलायें.

यदि आप लोटे या कलश में लिया हुआ सारा दुग्ध शिव जी पर डाल देते है तो दूध चढाने का कोई फायदा ही नहीं क्यूंकि सारा तो आपने फैला दिया प्रसाद भी नहीं बचाया इसलिए प्रसाद जरुर बचाएं.

3. कब्र का समर्थन न करें

आज कल कई लोग मरने के बाद अपने परिवार वालों से खुद को दफनाने को कह कर जाते हैं. लेकिन ये बहुत गलत होता है. कब्र बनाने से व्यक्ति को मुक्ति नहीं मिलती और कब्र बनवाने वाले के घर में कलह प्रारम्भ होती है. यदि पास में खेत हैं तो किसी दुसरे को भी कब्र न बनाने दें, खेत कुछ समय बाद बंजर हो जाते हैं.

मरने के बाद अंतिम दाह संस्कार संस्कार जरुर करें यदि आप उनकी इच्छा पूर्ति करना चाहते हैं तो भले ही वेदी का निर्माण कर दीजिये. लेकिन कब्र न बनाये.

2. ज्ञान न होने पर लम्बा पूजन नहीं करें

प्रातः सुबह उठकर माता पिता के चरण स्पर्श करके परब्रम्ह परमात्मा का ध्यान करें और ॐ का उच्चारण करें. यदि पास में कोई मंदिर हो तो दर्शन कर लें. यदि आप सच्चे मन से इतना ही करेंगे तो ईश्वर की कृपा मिल जाएगी.

यदि पूजन पाठ की विधियों का ज्ञान नहीं है तो लम्बा पूजन करने की कोशिश न करें. उतना ही करें जितना ठीक से आता हो.

1. अनजाने को दान न दें

किसी को दान या मुफ्त की कोई मदद देने से पहले ये जान लीजिये की वो कौन है और आपके दिए दान का किस तरह इस्तेमाल करेगा.

क्यूंकि यदि आपने किसी अनजान व्यक्ति को दान दिया और उसने उसका उपयोग गलत कार्यों में किया तो पुण्य की जगह आपको पाप लगेगा. इसलिए हमेशा अपने चिर परिचित लोगो में जरुरत मंद को ही दान दीजिये.

अंतिम शब्द

पूजा पाठ दान धर्म कर्म करने के लिए यदि हम सही तरीका अपनाते हैं तो घर में माँ बाप की सेवा करने मात्र से ही परमब्रम्ह परमात्मा और प्रभु राम की कृपा मिल जाती है. इसलिए इन चीज़ों का ध्यान रखे.

ॐ धन्यवाद. यदि आपको ये लेख पसंद आया है तो इसे अपने परिवारीजनो और मित्रों को शेयर करें.

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